पैसे कमाना: फ्रीलांस, अपना बिज़नेस और जॉब
फोटोग्राफी और वीडियो से कमाई: फ्रीलांस, मार्केटप्लेस, रिमोट एडिटिंग, पैकेज, अपना बिज़नेस, स्टूडियो और एजेंसी जॉब, इंटरव्यू और करियर ग्रोथ।
14 लेसन्स
आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में सेव होती है।
इस कोर्स के लेसन्स
-
1
करियर पाथ: फ्रीलांसर, बिज़नेस ओनर या एम्प्लॉयी
फोटोग्राफी और वीडियो में तीन मुख्य करियर पथ हैं: फ्रीलांसिंग, अपना बिज़नेस और नौकरी। फायदे, नुकसान और हाइब्रिड रास्ते तुलना से साफ होते हैं।
4 मिनट -
2
सर्विस जो पे करती हैं: काम कहां है
पेड फोटो और वीडियो सर्विस में इवेंट, शादी, प्रोडक्ट, रियल एस्टेट, कॉरपोरेट वीडियो, सोशल कंटेंट, एडिटिंग और रिमोट काम आते हैं। क्लाइंट यहीं खर्च करते हैं।
3 मिनट -
3
अपनी पहली पेड जॉब पाना
पहली पेड फोटो या वीडियो जॉब प्रैक्टिस प्रोजेक्ट, पोर्टफोलियो पीस और असिस्टिंग से बनती है। उपलब्धता बताएँ, छोटे क्लाइंट लें और टेस्टिमोनियल माँगें।
3 मिनट -
4
फ्रीलांस मार्केटप्लेस: प्रोफाइल, प्रपोज़ल और सुरक्षा
फ्रीलांस मार्केटप्लेस का तरीका, प्लेटफॉर्म फीस, मजबूत प्रोफाइल, जीतने वाले प्रपोज़ल, रिव्यू, स्कैम से बचाव और सीधे क्लाइंट तक जाना मायने रखता है।
4 मिनट -
5
रिमोट पोस्ट-प्रोडक्शन काम: एडिटिंग, रिटचिंग और कलर
रिमोट एडिटिंग, रिटचिंग, कलर, साउंड और कलिंग से पोस्ट-प्रोडक्शन की कमाई होती है। ब्रीफ, टेस्ट एडिट, फाइल ट्रांसफर, टाइम ज़ोन और डिलीवरी तय करें।
3 मिनट -
6
पैकेज बनाना और रेट बढ़ाना
प्राइसिंग में फोटो और वीडियो पैकेज असली लागत से बनते हैं। अपग्रेड और रिटेनर जोड़ें, फिर स्किल बढ़ने पर रेट भरोसे के साथ और साफ तरीके से बढ़ाएँ।
3 मिनट -
7
अपना फोटो या वीडियो बिज़नेस सेटअप करना
नाम, ब्रांड और रजिस्ट्रेशन फोटो या वीडियो बिज़नेस सेटअप की बुनियाद हैं। इंश्योरेंस, जरूरी टूल, अलग फाइनेंस, सिस्टम और सरल प्लान साथ आते हैं।
3 मिनट -
8
फ्रीलांसर से स्टूडियो या एजेंसी तक ग्रो करना
फ्रीलांसर अपने समय से आगे असिस्टेंट, सेकंड शूटर, सबकॉन्ट्रैक्टर और सौंपी एडिटिंग से बढ़ता है। टीम सिस्टम, बड़े क्लाइंट और स्टूडियो या एजेंसी अगला कदम हैं।
3 मिनट -
9
स्टूडियो, एजेंसी और प्रोडक्शन कंपनी में जॉब
स्टूडियो, एजेंसी और प्रोडक्शन कंपनी में एंट्री, स्किल्ड और सीनियर रोल हैं। ये जॉब फोटोग्राफी, फिल्म, पोस्ट-प्रोडक्शन और प्रोडक्शन में मिलती हैं।
3 मिनट -
10
एंट्री रूट: असिस्टिंग, इंटर्नशिप और रनर जॉब
इंटर्नशिप, रनर जॉब या फोटो असिस्टेंट क्रिएटिव करियर की शुरुआत है। रोल ढूँढना, सेट की उम्मीद, शिष्टाचार और मजबूत छाप इस रास्ते के पहले कदम हैं।
4 मिनट -
11
CV, प्रोफाइल और जॉब-तैयार पोर्टफोलियो
क्रिएटिव CV एक पेज का रखें, साथ ऑनलाइन प्रोफाइल, रोल के मुताबिक पोर्टफोलियो या शोरियल, ईमानदार क्रेडिट और छोटा कवर मैसेज। LinkedIn भी अपडेट रहे।
3 मिनट -
12
इंटरव्यू, टेस्ट शूट और स्किल्स टेस्ट
क्रिएटिव जॉब इंटरव्यू में रिसर्च, आम सवाल और अपने काम की बात तैयार रखें। टेस्ट शूट, एडिटिंग के प्रैक्टिकल टेस्ट और समय पर फॉलो-अप फैसला बदलते हैं।
4 मिनट -
13
अपनी पहली जॉब में सफल होना और करियर ग्रो करना
पहली क्रिएटिव जॉब में भरोसा, सीनियर से सीखना, फीडबैक और ज्यादा जिम्मेदारी आगे बढ़ाते हैं। विशेषज्ञता, प्रमोशन और बाद में फ्रीलांसिंग इसी पर टिकती है।
3 मिनट -
14
क्रिएटिव प्रोफेशनल के रूप में पैसे मैनेज करना
फ्रीलांस फोटोग्राफर और फिल्ममेकर की आय अनियमित होती है। मासिक बजट, इमरजेंसी सेविंग, अलग टैक्स, खर्च का ट्रैक, इक्विपमेंट और समय पर पेमेंट संभालें।
4 मिनट